संभल हॉट सीट से कद्दावर नेता शफ़ीक़ुर्रहमान बर्क़ होंगे गठबंधन प्रत्याशी, राज्यसभा सांसद और विधायक नज़रअंदाज

राज्यसभा सांसद जावेद अली खान का दूसरी बार काटा टिकट


संभल विधायक नवाब इक़बाल महमूद, कुंदरकी विधायक हाजी रिज़वान और

बिलारी विधायक के चाचा हाजी उस्मान को भी किया नज़रअंदाज़

उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में संभल लोकसभा सीट शुरुआत से ही सुर्ख़ियों में रही है. 1977 में अस्तित्व में आई संभल लोकसभा को जहाँ पहली उम्मीदवार के रूप में एक महिला को लोकसभा भेजने का गौरव हासिल है वहीं इस सीट ने मुलायम सिंह यादव और रामगोपाल यादव जैसे लोकप्रिय नेताओं को भी लोकसभा की एंट्री दिलाई है.

डॉ शफीकुर्रहमान बर्क़ 3 बार मुरादाबाद लोकसभा से और 1 बार संभल लोकसभा से सांसद रह चुके हैं. डॉ बर्क़ 2014 में संभल लोकसभा से भाजपा के सत्यपाल सैनी से वोटों के मामूली अंतर से हार गए थे.

संभल-मुरादाबाद क्षेत्र में दशकों से सक्रिय राजनीती में रहे डॉ शफ़ीक़ुर्रहमान बर्क़ अपने कड़े तेवर और तीखी बयानबाज़ी के लिए जाने जाते हैं. तुर्क बिरादरी से ताल्लुक रखने वाले डॉ बर्क़ की अपने समाज में खासी पकड़ मानी जाती है.

संभल लोकसभा से गठबंधन प्रत्याशी के रूप में डॉ बर्क़ के नाम की घोषणा के बाद से ही विपक्षी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने डॉ बर्क़ के पुराने बयानों को वायरल करना शुरू कर दिया है.

वहीं समाजवादी पार्टी में अंतर्विरोध सामने आने लगा है. जिन नेताओं का टिकट काटा गया है उनके समर्थकों ने अपनी ही पार्टी के प्रत्याशी के खिलाफ बयानबाज़ी शुरू कर दी है

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