3 घंटे से पहले लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पार किया तो कटेगा चालान, जानें क्यों ?

लखनऊ : लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाओं की संख्या में वृद्धि के कारण, उप्र एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने तेज रफ़्तार वाहनों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। दूरी और गति सीमा का आंकलन कर पैमाना बनाया गया है, उन वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी जो एक्सप्रेसवे को 3 घंटे से कम समय में कवर करते हैं। अब तक, दो दिन में 25 ई-चालान किये जा चुके हैं।

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लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे हादसों का केंद्र बनता जा रहा है, हादसों की संख्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। एक रिपोर्ट के मुताबिक अब तक 250 लोग एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाओं के शिकार हो चुके हैं। गति नियंत्रण उपकरणों की मदद से ओवरस्पीडिंग को नियंत्रित करने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग किया है। आगरा छोर पर माइलस्टोन 21 किमी और लखनऊ के 290 किमी पर आधुनिक कैमरे लगाए गए हैं, जो गति की निगरानी के साथ ही नंबर प्लेट भी पढ़ेंगे।

मुख्य कार्यपालक अधिकारी अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि यह प्रणाली 28 जून, 2019 से शुरू हो गई है। जो भी 3 घंटे से कम समय में 302 किमी एक्सप्रेसवे को पार करेगा, उसे निश्चित रूप से दंडित किया जाएगा।


कारों के लिए गति सीमा 100 किमी/घंटा है वहीं दूसरी ओर बसों और ट्रकों के लिए यह 60 किमी/घंटा है। इन नियमों का पालन नहीं करने वाले लोगों का डेटा तुरंत आगरा और लखनऊ के अधिकारियों को मेल के माध्यम से भेजा जाता है।

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नई व्यवस्था की जानकारी दोनों जिलों के वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दी गई है। इस तरह, नियमों का पालन नहीं करने वाले 25 वाहनों को मेल के जरिए ई-पेनल्टी भेजी गई है।

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