अखिलेश यादव जल्द लांच कर सकते हैं स्वच्छ सपा अभियान, शिवपाल की हो सकती है वापसी

2019 के आम चुनाव के नतीजों ने समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) को निराश किया है. बसपा(BSP) से गठबंधन के बाद सपा को उत्‍तर प्रदेश में ज्यादा सीटें मिलने की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा संभव नहीं हो सका. अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के नेतृत्व वाली समाजवादी पार्टी ने अब अपनी चुनावी रणनीति में बदलाव करने का निर्णय लिया है.

सूत्रों के मुताबिक अब समाजवादी पार्टी अपने पुनरुद्धार के लिए पुराने नेताओ की ओर रुख करेगी जिनको अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) की ताजपोशी के बाद से पार्टी में लगातार नजरअंदाज किया जा रहा था. अब सपा अपने नाराज़ वोटरों से सीधे संवाद स्थापित करेगी और पार्टी से विमुख हुए कार्यकर्ताओं को भी पार्टी से वापस जोड़ने के प्रयास किये जायेंगे।

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गौरतलब हो की इस बार के लोकसभा चुनाव में बीजेपी का विजय रथ रोकने के लिए सपा ने बसपा और रालोद से गठबंधन किया था. इसके बावजूद कई वजहों से गठबंधन को अपेक्षाकृत सफलता नहीं मिली. सपा को गठबंधन का लाभ नहीं मिल पाया और पार्टी को सिर्फ पांच सीटों पर कामयाबी मिली. मुलायम परिवार के तीन सदस्य डिम्पल यादव(कन्नौज), धर्मेंद्र यादव(बदायूं) और अक्षय यादव(फ़िरोज़ाबाद) को भी चुनाव में हार का सामना करना पड़ा.

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चुनावी रणनीति में परिवर्तन करेगी सपा

समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के मुखिया मुलायम सिंह यादव कभी भी इस गठबंधन के पक्ष में नहीं थे. उन्होंने कई बार सार्वजनिक मंचों से अपनी नाराजगी भी जाहिर की थी. वहीं, करारी हार और तमाम अटकलों के बावजूद सपा-बसपा और रालोद के प्रमुख नेताओं ने अभी तक गठबंधन को लेकर सार्वजनिक तौर पर कोई प्रतिकूल टिप्पणी नहीं की है. लेकिन, जानकारों का कहना है कि गठबंधन को बरकरार रखते हुए सपा अपने संगठन और रणनीति में बदलाव करने जा रही है.

चाचा शिवपाल ले सकते हैं यू-टर्न


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सपा में युवाओं के साथ ही पुराने नेताओं की राय को तवज्जो दी जाएगी. खबर है की सपा संस्थापक और संरक्षक मुलायम सिंह यादव चाहते हैं कि तमाम गिले-शिकवे भुलाकर शिवपाल यादव की भी सपा में वापसी की जाये ताकि सपा को विरोधी पार्टियों से टक्कर लेने में बल मिले.

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