वकीलों का खुला एलान बेंच नहीं तो वोट नहीं

गाजियाबाद । बेंच नहीं तो वोट नहीं जी हां स्थानीय न्यायालय परिसर में वकीलों ने सभागार समेत जगह-जगह कुछ इस तरह के बोर्ड लगा दिए हैं और गाजियाबाद से लोकसभा प्रत्याशियों के कचहरी परिसर में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। 

वकीलों का कहना है कि हाईकोर्ट बैंच की स्थापना संघर्ष समिति की मांग को लेकर पश्चिमी उप्र के वकील लगातार संघर्ष कर रहे हैं लेकिन आज तक यह मांग पूरी नहीं हो सकी है। जिसके कारण अधिवक्ता समाज में रोष है और उन्होंने यह निर्णय लिया  है इस बार किसी भी प्रत्याशी को कचहरी में प्रचार ही नहीं करने दिया जाएगा। 

बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल पंडित का कहना है कि पश्चिमी उप्र में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की मांग को लेकर लंबे समय से चल रही है। लेकिन मांग को अभी तक पूरा नहीं किया जा सका है जबकि यह मांग आम जनता की है और अधिवक्ता जनता के साथ मिलकर सस्ता और सुलभ न्यायालय दिलाने के लिए इसको लेकर लगातार आंदोलन भी कर रहे हैं। उनका कहना है कि हर चुनाव में प्रत्याशी आते हैं और चुनाव प्रचार के दौरान बैंच लाने का आश्वासन देकर वकीलों व उनके परिवार वालों के लोगों का लाखों वोट हासिल कर लेते हैं लेकिन चुनाव जीतने के बाद वे अपने वायदे को भूल जाते हैं। अनिल पंडित ने कहा कि इस बार निर्णय लिया गया है कि किसी भी प्रत्याशी को कचहरी में वोट मांगने की इजाजत नहीं दी जाए। 

उन्होंने कहा कि साथ ही उन्हें आईना दिखाने के लिए न्यायलय परिसर स्थित बार सभागार व अन्य स्थानों पर जगह-जगह बोर्ड भी लगा दिए गए हैं जिन पर लिखा है कि बेंच नहीं तो वोट नहीं।

VIA : DAINIKHINT

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