PCS परीक्षा में असफल हुई तो फर्जी IFS बन गई जोया खान, नोएडा एसएसपी को हड़काना पड़ गया भारी

फर्जी आईएफएस बनकर वीआईपी सुविधाएं लेने वाली जोया खान को नोएडा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वहीं पुलिस लगातार इस फर्जी आईएफएस से पूछताछ कर रही है। जांच में सामने आया है कि इस फर्जी के अफगानिस्तान से भी कनेक्शन रहा है।

वहीं पुलिस के सामने उसने यह भी खुलासा किया कि आखिर कैसे वह फर्जी अफसर बनकर अधिकारियों की आंखों में धूल झोंकती रही –  कई जिलों की पुलिस इस फर्जी अफसर को सैल्यूट तो करती रही लेकिन किसी ने यह जहमत नहीं उठाई कि आखिर वह अफसर है भी या नहीं। मेरठ समेत कई जिलों की पुलिस जोया खान को ऑफिसर समझकर वीआईपी सुविधा देती थी।

पुलिस के मुताबिक वीआईपी सुविधा न मिलने पर एसएसपी नोएडा को हड़काया था, जिसके बाद एसएसपी नोएडा वैभव कृष्ण को शक हुआ। इस पर तुरंत एसएसपी के निर्देश पर नोएडा पुलिस जोया खान के फ्लैट में पहुंची। शुरुआत में जोया खान ने पुलिस को आड़े हाथों ले लिया। पुलिस ने जब फ्लैट में तलाशी लेनी शुरू की तो सारी पोल खुल गई। 

फ्लैट से बरामद हुई कई संदिग्ध चीजें
पुलिस ने जोया खान को गिरफ्तार कर लिया। फ्लैट से एपल के 4 लैपटॉप समेत अन्य सामान को पुलिस ने कब्जे में लिया। नोएडा पुलिस ने मंगलवार रात मेरठ में छापा मारकर जोया खान के घर से दो लग्जरी गाड़ी बरामद की हैं। 

पुलिस सूत्रों के मुताबिक जोया के लैपटॉप में कई ऐसी संदिग्ध जानकारियां मिली हैं, जिससे सुरक्षा संबंधित कई राज खुले हैं। उसने अफगानिस्तान भी संदेश भेजे हैं। अब अफगानिस्तान से उसका क्या ताल्लुक हैं और आखिर जोया का मकसद क्या था, इसको जानने के लिए सुरक्षा एजेंसियां भी जोया से पूछताछ करने में जुटी हैं। 

कहीं पाकिस्तान से तो नहीं कनेक्शन
एनआईए ने नोएडा में जाकर जोया से पूछताछ की है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि जोया का कनेक्शन पाकिस्तान से तो नहीं है, इसकी सुरक्षा एजेंसियां जांच पड़ताल करने में जुटी हैं। पीसीएस की परीक्षा में विफल होने पर बनाई योजना
पुलिस की पूछताछ में निशांत और जोया खान ने खुलासा किया कि पढ़ाई करने के बाद उन्होंने 2007 में पीसीएस की परीक्षा दी थी। जिसमें वह विफल हो गए थे। जिसके बाद दोनों ने जोया के फर्जी अफसर बनने की प्लानिंग बनाई। जोया खान फर्जी आईएफएस बन गई। इसको लेकर दोनों ने साइबर अपराध किया। 

एप के जरिए अधिकारियों की आंखों में झोंकी धूल
पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों को धोखा देने और उन पर विश्वास कायम करने के लिए अपने मोबाइल में कई एप डाउनलोड किए थे। जिससे वह फोन पर बातचीत करती थी। वाइस चेंजिंग और मोबाइल स्क्रीन पर सीयूजी नंबर दर्शाकर अधिकारियों से बात करती थी।

महिला आईएफएस बताकर करीब तीन साल से मेरठ, नोएडा, गाजियाबाद, मुरादाबाद सहित कई जिलों के पुलिस अधिकारियों को धोखा देकर वीआईपी सुविधा ले रही थी। वह लग्जरी गाड़ी से सफर करती थी और उसके साथ ही सरकारी गनर व एस्कॉर्ट चलती थी।



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