Sambhal Loksabha Seat: सियासत का गढ़ संभल, दिग्गज ठोकते हैं ताल

उत्तर प्रदेश लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र संभल मुरादाबाद से अलग हुआ संसदीय निर्वाचन क्षेत्र और जिला है। जिला बनने के बाद से ही इसके मुख्यालय को लेकर विवाद शुरू हो गया। संभल और चंदौसी के बीच इसे लेकर लंबे समय तक रार रही। फिलहाल प्रशासनिक दृष्टि से जिला मुख्यालय बहजोई से संचालित हो रहा है। संभल मैंथा की बड़ी मंडी है तो इसका सरायतरीन इलाका अपने खास तरह के हड्डी-सींग शिल्प के लिए प्रसिद्ध है। इसकी धूम विदेशों तक है।

1977 में अस्तित्व में आई संभल लोकसभा सीट कई मायनों में खास है। इसे मंडल की सबसे अहम सीटों में गिना जा सकता है क्योंकि इस सीट ने समाजवादी पार्टी के मुखिया रहे मुलायम सिंह यादव और उनके परिवार के सदस्यों को भी संसद तक पहुंचाया। इतना ही नहीं गठन के बाद पहली ही बार किसी महिला को सांसद बनाने का श्रेय भी इस सीट को है। पुराने स्वरूप में यह सीट यादव बहुल मानी जाती थी, इसका असर परिणामों में भी देखा जा सकता है।

1977 से 2014 तक हुए 11 लोकसभा चुनावों में से छह बार यादव यादव प्रत्याशी जीते। इनमें दो बार श्रीपाल सिंह यादव, दो बार खुद मुलायम सिंह यादव, एक बार प्रो, राम गोपाल यादव और एक बार धर्मपाल यादव सांसद बने। 2004 में परिसीमन के बाद इस सीट का जातीय गणित कुछ बदला है और इस सीट पर यादव मतदाताओं की संख्या कम हुई है।

लोकसभा सीट- एक नजर में-

  • छठवीं 1977-1980 शांति देवी भारतीय लोक दल
  • सातवीं 1980-1984 बिजेंद्र पल सिंह कांग्रेस
  • आठवीं 1984-1989 शांति देवी कांग्रेस
  • नौवीं 1989-1991 श्रीपाल सिंह यादव जनता दल
  • दसवीं 1991-1996 श्रीपाल सिंह यादव जनता दल
  • ग्यारहवीं 1996-1998 धर्मपाल यादव बहुजन समाज पार्टी
  • बारहवीं 1998-1999 मुलायम सिंह यादव समाजवादी पार्टी
  • तेरहवीं 1999-2004 मुलायम सिंह यादव समाजवादी पार्टी
  • चौदहवीं 2004-2009 राम गोपाल यादव समाजवादी पार्टी
  • पंद्रहवीं 2009-2014 डॉ शफीकुर्रहमान बर्क बहुजन समाज पार्टी
  • सोलहवीं 2014 अब तक सत्यपाल सिंह भारतीय जनता पार्टी

आंकड़े
संभलकी जनसंख्या 2,21,334 है जिसमें से 1,16,008 पुरुष और 1,05,326 महिलाएं हैं। संभलमें प्रति 1000 पुरुषों में 908 महिलाएं हैं। यहां की पुरुष साक्षरता दर 74.05% और महिला साक्षरता दर 66.90% है।

विधानसभा क्षेत्र– कुन्दरकी, बिलारी, चंदौसी, असमोली, संभल

इतिहास के झरोखे से
संभलऐतिहासिक व धार्मिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। कहा जाता है चारों युगों में संभल का वजूद रहा और इसे अलग अलग नामों से जाना गया। धर्मग्रंथों में वर्णित है कि कलियुग में भगवान विष्णु संभल में ही कल्कि के रूप में अवतार लेंगे। मुग़ल शासक अकबर के शासनकाल में संभल क्षेत्र का काफी महत्वपूर्ण रहा लेकिन उसी के बेटे शाहजहाँ के शासन में संभलकी हालत काफी बिगड़ गई। यहां लंबे समय तक शासकों और सम्राटों ने शासन किया। लोधियों से लेकर मुगलों तक ने यहां शासन किया। खास यह कि संभलअशोक साम्राज्य का भी अहम हिस्सा रहा।

मौजूदा सांसद
संभल के मौजूदा सांसद भाजपा के सत्यपाल सिंह सैनी हैं। एमकॉम करने वाले सत्यपाल सैनी की पढ़ाई केजीके कॉलेज और हिन्दू कॉलेज से पूरी हुई। पेशे से वकील और कृषि कार्य से जुड़े सत्यपाल पाकबड़ा के रहने वाले हैं। जन्मतिथि पांच जुलाई 1973 है। सत्यपाल सैनी पहली बार संभल सीट से चुनाव मैदान में उतरे और जीतकर संसद पहुंचे।

SOURCE : WWW.LIVEHINDUSTAN.COM

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