CM योगी की रैली में नजर आया अखलाक हत्याकांड का आरोपी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नोएडा के बिसाहड़ा में चुनावी रैली रविवार को आयोजित की गई। सीएम की ये रैली विवादों के घेरे में आ गई है। दरअसल उनकी इस रैली में अखलाक हत्याकांड का आरोपी दिखा।

बता दें 2015 में घर में गाय का मांस रखने की अफवाह के चलते भीड़ ने घर में घुसकर अखलाक की हत्या कर दी थी।

सीएम बिसहाड़ा में रविवार को रैली को संबोधित कर रहे थे। उनकी इस रैली में अखलाक हत्याकांड का मु्ख्य आरोपी विशाल सिंह सबसे आगे की तरफ बैठा हुआ था।

विशाल बीजेपी के स्थानीय नेता संजय राणा का बेटा है। इस हत्याकांड के बाद उसे गिरफ्तार किया गया था और कुछ दिनों बाद ही जमानत मिल गई थी।

जमानत पर बाहर विशाल अपने दोस्तों के साथ सीएम की रैली में पहुंचा था। साथ ही वह वंदे मातरम और योगी- योगी के नारे भी लगाते दिखा। इसके बाद बीजेपी और योगी आदित्यनाथ पर विपक्ष ने जमकर निशाना साधा है।

योगी आदित्यनाथ ने अपनी रैली को संबोधित करते हुए मोदी सरकार की उपल्ब्धियां बताई साथ ही सपा-बसपा गठबंधन और कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला।

उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के पास विकास का कोई एजेंडा नहीं था। सरकार जात-पात की राजनीति करती थी। 2012 में समाजवादी पार्टी की सरकार आयी थी तो उसने आतंकवादियों के खिलाफ तमाम मुकदमों को वापस लेने का निर्देश दिया, लेकिन जब मौजूदा सरकार प्रदेश में अपराध मुक्त बेटियों की सुरक्षा की बात करती है।

सीएम योगी ने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश में अवैध बूचड़खाने चलते थे, जिसको हमने आते ही बंद कराया। हमारी सरकार आतंकवादियों को गोलियों से ही समझाने का काम करती है।

एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान की कमर टूट गई है और कांग्रेस और सपा-बसपा को दर्द हो रहा था। ये लोग सेना से सबूत मांगते हैं। यह लोग पाकिस्तान का गुणगान करते हैं।

क्या था मामला

बता दें कि दादरी स्थित बिसाहड़ा गांव में मोहम्मद अखलाक की हत्या 2015 में कर दी गई थी। गोमांस रखने की अफवाह के बाद गांव के लोगों ने अखलाक को पीट-पीटकर मार डाला था। गौरक्षा के नाम पर हुए इस हमले के बाद देशभर में बीजेपी के खिलाफ प्रदर्शन हुए थे।

केन्द्र सरकार पर देश में असहिष्णुता का माहौल पैदा करने का आरोप विपक्षी पार्टियों ने लगाया था। अखलाक की हत्या के बाद देश में असहिष्णुता पर तीखी बहस की शुरुआत हुई थी, इसी के बाद अवार्ड वापसी कैंपेन चला था।

वहीं, अखलाक की हत्या के बाद 19 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें से एक की मौत हो चुकी है और बाकी आरोपियों को बेल मिल गई थी।

अखलाक का बेटा इंडियन एयर फोर्स में तैनात है। इस घटना के बाद अखलाक के पूरे परिवार को एयरफोर्स कैंपस में ले जाकर सुरक्षा दी गई थी। उत्तर प्रदेश की तत्कालीन समाजवादी सरकार ने अखलाक के परिवार को 45 लाख रुपए की मदद दी थी।

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