बिहार : शकील अहमद को कांग्रेस पार्टी दिखा सकती है बाहर का रास्ता

बिहार की मधुबनी सीट पर निर्दलीय नामांकन खरीद कर पर्चा दाखिल करने वाले कांग्रेस के बड़े नेता शकील अहमद के सामने अब बड़ी मुश्किल सामने आई है. अभी मिली जानकारी के अनुसार पार्टी उन्हें बाहर का रास्ता भी दिखा सकती है. हालांकि शकील अहमद दो दिन पहले ही अपना इस्तीफा कांग्रेस अध्यक्ष को भेज चुके है.

बिहार की मधुबनी लोकसभा सीट पर अजीब हालत पैदा हो गए है. जहाँ महागठबंधन में यह सीट मुकेश कुमार सहनी के हिस्से में सीट आई है. इससे पहले राजद का टिकट नहीं मिलने से नाराज पूर्व केंद्रीय मंत्री मोहम्मद अली अशरफ फातमी मधुबनी लोकसभा सीट से महागठबंधन उम्मीदवार के खिलाफ निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुके हैं. इससे पहले शकील अहमद ने कहा था, ‘मैंने पार्टी (कांग्रेस) के चिन्ह के लिए आग्रह किया है. मेरा राहुल जी से संवाद हुआ है. कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल जी से मेरी बातचीत भी हुई है.

बता दें इस बार महागठबंधन के घटक दलों में से एक विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) को मधुबनी सीट मिली है. वीआईपी ने बद्री पुर्बे को मधुबनी से अपना उम्मीदवार बनाया है. पूर्वे का मुकाबला भाजपा ने दिग्गज सांसद हुकुमदेव नारायण यादव के बेटे अशोक यादव से है. शकील अहमद 1998 और 2004 में मधुबनी सीट से लोकसभा सदस्य रहे थे. वे 1985, 1990 और 2000 में विधायक चुने गए थे. शकील ने राबड़ी देवी के नेतृत्व वाली बिहार सरकार में स्वास्थ्य मंत्री के रूप में कार्य किया तथा 2004 में केंद्र में सत्तासीन रहे मनमोहन सिंह की सरकार में संचार, आईटी और गृह मंत्रालय में राज्य मंत्री रहे थे.

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