AAP-कांग्रेस गठबंधन : दिल्ली ही नहीं हरियाणा-चंडीगढ़ में भी बनी बात, JJP भी होगी शामिल

नई दिल्ली : लोकसभा चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर करीब-करीब बात बन गई है. सूत्रों के मुताबिक दिल्ली में आम आदमी पार्टी चार और कांग्रेस 3 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. सूत्रों ने बताया कि हरियाणा और चंडीगढ़ में आप-कांग्रेस गठबंधन में जननायक जनता पार्टी (JJP) शामिल होगी. सूत्रों के मुताबिक, आज संजय सिंह और गुलाम नबी आजाद के बीच बैठक हुई. आप ने JJP के लिए तीन सीटों की मांग की. काग्रेस दो सीटें JJP को देने पर राजी है और आम आदमी पार्टी को एक सीट.

कांग्रेस ने चंडीगढ़ सीट से पवन कुमार बंसल को बनाया उम्मीदवार

हरियाणा में कांग्रेस सात JJP दो और आम आदमी पार्टी एक सीट पर चुनाव लड़ेगी. ओम प्रकाश चौटाला के परिवार में फूट के बाद दुष्यंत चौटाला पर इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) से अलग होकर JJP का गठन किया है. सूत्रों के मुताबिक, केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ की एक सीट पर कांग्रेस का आम आदमी पार्टी समर्थन करेगी. कांग्रेस ने चंडीगढ़ सीट से पवन कुमार बंसल को उम्मीदवार बनाया है.

आप-कांग्रेस गठबंधन को लेकर आज आम आदमी पार्टी नेता और राज्यसभा सांसद सुशील गुप्ता ने कांग्रेस नेता भूपेन्द्र हुड्डा से मुलाकात की थी. हरियाणा की 10 लोकसभा सीटों पर 12 मई को वोट डाले जाएंगे. 2014 के चुनाव में भाजपा ने सात, इनेलो ने दो और कांग्रेस ने एक सीट पर जीत दर्ज की थी. इस चुनाव में सभी पार्टियां अलग-अलग चुनाव लड़ी थी.

कई महीनों से  बनी हुई है असमंजस की स्थिति

कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच गठबंधन को लेकर कई महीनों से असमंजस की स्थिति बनी हुई है. पहले तो कांग्रेस में ही आप से गठबंधन को लेकर दो राय थी. शीला दीक्षित का खेमा गठबंधन का विरोध कर रहा था. वहीं अजय माकन और PC चाको इसके समर्थन में थे. जब पार्टी में करीब-करीब सहमति बनी तो आप ने हरियाणा और पंजाब में भी गठबंधन की शर्त रख दी. पंजाब में तो गठबंधन से पार्टी ने साफ-साफ शब्दों में इनकार कर दिया.
आप-कांग्रेस गठबंधन को लेकर सोमवार को अचानक हलचल तेज हो गई थी. जब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा कि ”दिल्ली में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच गठबंधन का मतलब भाजपा का सूपड़ा साफ होना है. यह सुनिश्चित करने के लिए कांग्रेस आप को चार सीटें देने की इच्छुक है. परन्तु केजरीवाल जी ने एक और यूटर्न ले लिया है.”

गठबंधन आपकी इच्छा नहीं मात्र दिखावा

राहुल के ट्वीट के ठीक बाद केजरीवाल ने भी जवाब दिया. उन्होंने कहा कि कौन सा U-टर्न? अभी तो बातचीत चल रही थी. आपका ट्वीट दिखाता है कि गठबंधन आपकी इच्छा नहीं मात्र दिखावा है. मुझे दुःख है आप बयानबाज़ी कर रहे हैं.

शीर्ष नेताओं के ट्वीट के बाद दोनों दलों ने बातचीत का रास्ता निकाला. मंगलवार को दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और आप नेता मनीष सिसोदिया ने ट्वीट कर कहा, ”आप ने कांग्रेस से बात करने के लिए संजय सिंह को अधिकृत किया है. राहुल जी भी कांग्रेस की तरफ़ से एक ऐसे व्यक्ति को अधिकृत करें जो “आप” के साथ बैठकर सभी 18 (दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़) सीटों पर भाजपा को हराने की रणनीति बना सके.” दिल्ली में लोकसभा की सात सीटें हैं और यहां भी हरियाणा के साथ 12 मई को वोट डाले जाएंगे. 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने सभी सात सीटों पर जीत दर्ज की थी.

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