केंद्र की रेलवे स्टेशन को वर्ल्ड क्लास सुविधाओं से लैस करने की योजना

केंद्र सरकार रेलवे स्टेशन को वर्ल्ड क्लास सुविधाओं से लैस करने की योजना बना रही है। इस परिवर्तन को लाने के लिए स्टेशनों को निजी कंपनियों को सौंपने की तैयारी है। इन स्टेशनों पर यात्रियों को वर्ल्ड क्लास सुविधाएं  उपलब्ध कराई जाएगी और उन सुविधाओं के लिए यात्रियों को ज्यादा पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इंडियन रेलवे आधुनिक रेलवे स्टेशनों पर वर्ल्ड क्लास जनसुविधाओं के लिए यात्रियों से एयरपोर्ट की तरह ज्यादा चार्ज नहीं लिया जाएगा। बल्कि उन चार्ज को  बाजार द्वारा आधारित किया जाएगा। इस की जानकारी भारतीय रेलवे स्टेशन विकास निगम लिमिटेड के एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा दी गई है।


वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक आधुनिक रेलवे स्टेशनों पर वर्ल्ड क्लास सुविधाओं के चार्ज बाजार आधारित होंगे। बता दें कि फरवरी 2020 में रेलवे ने कहा था कि स्टेशनों को नया रूप देने वाली कंपनियां स्टेशनों के लिए यात्रियों से हवाई अड्डे की तरह चार्ज वसूलेंगी, जो ट्रेन के टिकट में ही शामिल होगा। रेलवे ने साथ में यह भी कहा था कि ये चार्ज स्टेशनों पर आने वाले यात्रियों की संख्या पर निर्भर करेगा। लेकिन अब आइआर‌एसडीसी  के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ एस के लोहिया ने यह साफ कर दिया कि खर्च ऊपर जा सकते हैं और कम भी हो सकते हैं। इसी वजह से चार्ज को फिक्स नहीं किया जा सकता। 


एम के लोहिया ने यह भी कहा कि अगर किसी कंपनी को 60 साल के लिए कोई स्टेशन दे रहे हैं, तो शुल्क बाजार की वास्तविकताओं के अनुरूप होने चाहिए। क्योंकि  अगर कल महंगाई कम होती है तो शुल्क नीचे भी आ सकते हैं। उन्होंने कहा, यूजर्स चार्ज पर सहमति बनी ग‌ई है और मंत्रालय द्वारा इसे अधिसूचित करने की प्रक्रिया जारी है।

यूजर्स चार्ज को बाजार के आधार पर तय करने के बाद आधुनिक रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को अलग से कोई चार्ज नहीं देना पड़ेगा और न ही इसे यात्री टिकट किराए में जोड़ा जाएगा।  इससे यात्रियों की जेब पर काफी असर नहीं पड़ेगा और उन्हें विश्व स्तरीय स्टेशनों की सुविधा का लाभ भी मिलेगा।


बता दें कि लोहिया ने कहा कि यूजर्स चार्ज रिवेन्यू के लिए काफी महत्वपूर्ण होते हैं। चाहे वह एयरपोर्ट हों या फिर हाईवे हों यूजर्स चार्ज एक बहुत बड़ा अंग होता है। असल में, परियोजना में लगने वाले किमत का 99 प्रतिशत हिस्सा इसी से निकलता है। उन्होंने यह साफ कहा है कि एयरपोर्ट की तुलना में रेलवे में यूजर चार्ज कम होगा।

 सरकार आइआर‌एसडीसी ( IRSDC)  के माध्यम से 50 स्टेशनों को वर्ल्ड क्लास सुविधाओं से लैस बनाने के लिए बोली लगाने के लिए तैयार है। जिससे इस बार के फाइनेंशियल ईयर 2020-21 में लगभग 50 हजार करोड़ रुपये का निवेश होगा। बता दें कि आइआर‌एसडीसी ने पहले ही दो रेलवे स्टेशनों मध्य प्रदेश में हबीबगंज और गुजरात के गांधीनगर को सार्वजनिक-निजी भागीदारी योजनाओं के तहत विकसित करने के लिए निजी कंपनी को सौंप चुका है। यह काम दिसंबर 2020 तक पूरा करने की योजना है।


गांधीनगर रेलवे स्टेशन पर सिविल काम 94.05 प्रतिशत पूरा हो चुका है, तो वहीं हबीबगंज में परियोजना अब तक 90 प्रतिशत पूरी हो चुकी है।  

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