अनुच्छेद 370 के बाद राम मंदिर पर नज़र, जानिए सुब्रह्मण्यम स्वामी ने क्या कहा

राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट में चल रही है सुनवाई

नई दिल्ली : Ram Mandir–अयोध्या (Ayodhya) में रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद (Babri Masjid) विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Cout) में सुनवाई नियमित आधार पर हो रही हैं। 6 अगस्त से शुरू हुई रोजाना सुनवाई का आज चौथा दिन है। खबर है कि पहले और दूसरे दिन सर्वोच्च अदालत में निर्मोही अखाड़ा ने अपनी बात रखी और बुधवार शाम को रामलला के वकीलों ने दलील रखना शुरू की थी। मामले की सुनवाई के दौरान जजों ने वकीलों ने तीखे सवाल पूछे जो चर्चा का विषय रहे।


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बता दे कि राम मंदिर (Ram Mandir) मसले की सुनवाई हफ्ते में मंगलवार, बुधवार और गुरुवार को हो रही हैं इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली 5 सदस्यीय संवैधानिक पीठ कर रही हैं। इस पीठ में जस्टिस एस. ए. बोबडे, जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एस. ए. नजीर भी शामिल हैं।

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Cout) में अयोध्या (Ayodhya) की 2.77 एकड़ भूमि विवाद से संबंधित मामले में कुल 14 अपीलें दायर की गई हैं। ये सभी अपीलें 30 सितंबर, 2010 को इलाहाबाद हाईकोर्ट (AllahabadHigh Cout) की लखनऊ (Lucknow) बेंच के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट (Supreme Cout) में दायर की गई हैं


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इसी सुनवाई के बीच बीजेपी (BJP) के वरिष्ठ नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी (Subramanian Swamy) का बयान सामने आया हैं। सुब्रह्मण्यम स्वामी (Subramanian Swamy) का कहना है की राम मंदिर (Ram Mandir) मामले में सुप्रीम कोर्ट जो भी फैसला सुनाए, लेकिन सरकार के पास संविधान के अनुच्छेद 300-ए (Article 300A) के तहत राष्ट्रीयकरण का ब्रह्मास्त्र हैं।

अनुच्छेद 300-ए (Article 300A) के तहत केस में जीतने वाले को जमीन नहीं, मुआवजा देने का अधिकार हैं। अयोध्या की कुल 67.703 एकड़ जमीन में से सुप्रीम कोर्ट (Supreme Cout) में केवल 0.313 एकड़ क्षेत्र ही विवादित हैं।

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