राज्यसभा में पास हुआ UAPA बिल, अब कोई भी व्यक्ति घोषित हो सकेगा आतंकी

UAPA bill passed: राज्यसभा से UAPA bill वोटिंग के बाद पास हो गया है. बिल के पक्ष में 147 और विपक्ष में 42 वोट पड़े. बिल को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजने का प्रस्ताव पहले ही गिर चुका था. लोकसभा से इस बिल को मंजूरी दी जा चुकी है अब कानून में संशोधन करने का रास्ता साफ हो गया है. इस बिल में संगठन के अलावा किसी व्यक्ति को भी आतंकी घोषित करने का प्रावधान शामिल किया गया है.

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UAPA bill पर फाइनल वोटिंग

राज्यसभा से UAPA बिल पर अब अंतिम वोटिंग हो रही है. बिल को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजने का प्रस्ताव गिर चुका है. अब बिल को पारित करने के लिए फाइलन वोटिंग हो रही है. यह वोटिंग प्रक्रिया भी पर्चियों के जरिए होगी क्योंकि सदस्यों को भी सीट संख्या नहीं दी गई है.

राज्यसभा में विपक्षी दलों की ओर से UAPA बिल को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजने का प्रस्ताव गिर गया है. प्रस्ताव के पक्ष में 85 और विपक्ष में 104 वोट पड़े हैं. अब बाकी संशोधन प्रस्तावों पर सदन का मत लिया जा रहा है.


संशोधन प्रस्ताव पर वोटिंग

राज्यसभा में UAPA संशोधन बिल को सेलेक्ट कमेटी में भेजने के संशोधन प्रस्ताव पर सदन में वोटिंग कराई जा रही है. विभिन्न दलों के सांसदों ने इसे सेलेक्ट कमेटी के पास भेजने का प्रस्ताव दिया है. सदन में पर्चियों के जरिए वोटिंग होगी और सदस्य हां या न की पर्ची से प्रस्ताव पर अपना मत जाहिर करेंगे.

अमित शाह ने UAPA बिल पर कहा कि राज्य के DG के अधिकार नहीं छीने जा रहे हैं और जब NIA जांच शुरू करेगी तो राज्य पुलिस को जानकारी दी जाएगी. NIA की जांच के दौरान राज्य पुलिस से संपत्ति जब्त करने की इजाजत लेना ठीक नहीं है क्योंकि जांच की बारीक जानकारी तो NIA के पास ही है. गृह मंत्री के जवाब के बाद चिदंबरम ने कहा कि हम सभी प्रावधानों के खिलाफ नहीं है सिर्फ 2 पर हमारी आपत्ति है. उन्होंने कहा कि पहला आप किसी स्टेज पर किसी को आतंकी घोषित करेंगे, यह बताएं. अमित शाह ने कहा कि हालात काफी जटिल हैं और इस पर सब कुछ साफ नहीं किया जा सकता. सघन पूछताछ और सबूत जुटाने के बाद ही ऐसा किया जाएगा. लेकिन अगर कोई विदेश में है और हमारे साथ बातचीत नहीं कर रहा है तो उसे किया जाएगा.


हमने कांग्रेस के कानून और संशोधनों का साथ दिया : शाह

गृह मंत्री ने राज्यसभा में कहा कि किसी व्यक्तियों को आतंकी घोषित करने के कुछ बिन्दु तय किए गए हैं, उन्हीं के मुताबिक काम होगा. उन्होंने कहा कि आतंकी अगर 2 कदम बढ़ते हैं तो हमारी एजेंसियों को 4 कदम आगे बढ़ना होगा. शाह ने कहा कि कानून और इसके सभी संशोधन कांग्रेस के समय में आया और तब लंबे-लंबे भाषण इनके लोगों ने दिए हैं. हमारी पार्टी ने हर संशोधन का समर्थन किया था और भी कर रहे हैं.


आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता वह किसी व्यक्ति या सरकार के खिलाफ नहीं बल्कि इंसानियत के खिलाफ है. अमित शाह ने कहा कि हम कानून को कमजोर कतई नहीं कर रहे हैं. राज्य पुलिस में IO ही जांच करता है लेकिन NIA की प्रबंधन शक्ति होती है और सभी मामलों की जांच ऊपरी स्तर तक की जाती है. राज्य पुलिस और NIA के काम करने के नियम और मानक अलग हैं.

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व्यक्ति के पास अपील का पूरा अधिकार होगा : गृह मंत्री

अमित शाह ने राज्यसभा में कहा कि अगर यासीन भटकल को पहले ही आतंकी घोषित कर दिया होता तो कई लोगों की जान बच जाती लेकिन हमने सिर्फ उसके संगठन को बैन किया था. उन्होंने कहा कि आतंकी बताए गए व्यक्ति के पास अपील का पूरा अधिकार होगा, यह अंतिम ठप्पा नहीं है और चार चरणों में उसकी जांच होगी, किसी के मानव अधिकारों का हनन नहीं किया जाएगा. अमित शाह ने कहा कि दिग्विजय सिंहजी अगर आप कुछ नहीं करोगे तो कुछ नहीं होगा. इस पर दिग्विजय सिंह ने जवाब देना चाह लेकिन सभापति की ओर से इजाजत नहीं दी गई.

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