रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी हुए गिरफ्तार, क्या है पूरा मामला?

रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्बन गोस्वामी को बुधवार को दो साल पुराने मामले में गिरफ्तार किया गया है।

रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी को मुंबई पुलिस ने आत्महत्या के एक पुराने मामले में बुधवार को गिरफ्तार किया है। अर्नब की गिरफ्तारी को राजनेताओं ने महाराष्ट्र सरकार द्वारा प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला और आपातकाल के दिनों की याद कराने वाला बताया है, वहीं, शिवसेना नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा है गोस्वामी पर कार्रवाई बदले की भावना से नहीं की गई है। गौरतलब है कि हाल के दिनों में अर्नब ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को निशाने पर लिया है। 

महाराष्ट्र CID के अधिकारी बुधवार सुबह गोस्वामी के घर पहुंचे और उन्हें गिरफ्तार किया। गोस्वामी ने आरोप लगते हुए कहा है कि पुलिस ने उनके साथ धक्कामुक्की भी की। अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी के बाद राजनीति भी तेज हो गई है। कई केंद्रीय मंत्रियों ने महाराष्ट्र सरकार की इस कार्रवाई की आलोचना की है।


सूचना और प्रसारण मंत्री बोले – आपातकाल जैसे हालात
सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ट्वीट कर गोस्वामी की गिरफ्तारी की आलोचना की है।

उन्होंने लिखा, ‘हम महाराष्ट्र में प्रेस की आजादी पर हमले की निंदा करते हैं। ये प्रेस से व्यवहार करने का तरीका नहीं है। ये हमें आपातकाल की याद दिलाता है जब प्रेस के साथ ऐसा व्यवहार किया गया था।’


केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद

उन्होंने लिखा, “एक अलग हो सकता है, एक बहस कर सकता है और एक सवाल भी पूछ सकता है। हालाँकि पुलिस की शक्ति का दुरुपयोग करके #ArnabGoswami के कद के एक पत्रकार को गिरफ्तार करना, क्योंकि वह सवाल पूछ रहा था, कुछ ऐसा है जिसकी हम सभी को निंदा करने की आवश्यकता है।”

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर साधा निशाना
अमित शाह ने अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर निशाना साधा है।

उन्होंने ट्वीट किया, ‘कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने एक बार फिर लोकतंत्र को शर्मसार किया है। रिपब्लिक टीवी और अर्नब गोस्वामी के खिलाफ राज्य की सत्ता का दुरुपयोग व्यक्तिगत स्वतंत्रता और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला है। यह हमें आपातकाल की याद दिलाता है। स्वतंत्र प्रेस पर हमले का जरूर विरोध होना चाहिए और होगा।’

पीयूष गोयल बोले – ये फासीवादी कदम अघोषित आपातकाल का संकेत

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्विटर पर लिखा, ‘महाराष्ट्र में मीडिया की आजादी पर हुए हमले की निंदा करता हूं। ये फासीवादी कदम अघोषित आपातकाल का संकेत है। अर्नब गोस्वामी पर हमला सत्ता के दुरुपयोग का उदाहरण है। हम सभी को भारत के लोकतंत्र पर हमले के खिलाफ खड़ा होना चाहिए।’


स्मृति ईरानी ने कहा – जो लोग अर्नब के साथ नहीं खड़े, वो फासीवाद के समर्थक

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने ट्वीट किया, ‘स्वतंत्र प्रेस में जो लोग आज अर्नब के समर्थन में नहीं खड़े हैं, वे फासीवाद के समर्थन में हैं। आप उसे पसंद नहीं कर सकते हैं, आप उसे स्वीकार नहीं कर सकते हैं, आप उसके अस्तित्व को तुच्छ समझ सकते हैं, लेकिन अगर आप चुप रहते हैं तो आप दमन का समर्थन करते हैं।’

एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने गिरफ्तारी का विरोध किया
एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने गोस्वामी की गिरफ्तारी पर हैरानी व्यक्त की है। गिल्ड ने बयान जारी कर कहा कि वो इस गिरफ्तारी की निंदा करती है और यह बहुत खेदजनक है।

किस मामले में हुई है गोस्वामी की गिरफ्तारी?
अर्नब गोस्वामी को 2018 में हुई आत्महत्या की घटना के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है।दरअसल, 53 वर्षीय इंटीरियर डिजाइनर और उनकी मां कुमुद नायक ने मई 2018 में आत्महत्या कर ली थी। अन्वय ने अपने सुसाइड नोट में आरोप लगाया था कि गोस्वामी और दो अन्य लोगों ने उनके 5.40 करोड़ रुपये नहीं चुकाए हैं, जिसके चलते उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा। गोस्वामी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

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