देश की उन्‍नति के लिए हमारे प्रेस को कुशल और निडर होना चाहिए : उपराष्ट्रपति

  • पत्रकारों को बेजुबानों की आवाज़ बनना चाहिए;
  • मीडिया को अपने कवरेज में उच्च स्तर की व्यावसायिकता, सटीकता और निष्पक्षता बनाए रखना चाहिए;
  • क्षेत्रीय भाषाओं में और अधिक समाचार पत्र शुरू किए जाने चाहिए;
  • ‘दीपिका’ मलयालम दैनिक के 132वें स्थापना दिवस समारोह संबोधन
  • व्यवसाय उत्कृष्टता पुरस्कार भी प्रदान किए

उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडू ने कहा है कि हमारे जैसे प्रगतिशील लोकतांत्रिक देश के लिए, हमारे प्रेस को कुशल और निडर होना चाहिए। उन्होंने पत्रकारों को समाज के लिए एक दर्पण के रूप में काम करने का आह्वान करते हुए कहा कि उन्हें बेजुबानों की आवाज बनना चाहिए। श्री नायडू आज नई दिल्‍ली में पहली मलयालम दैनिक ‘दीपिका’ के 132वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे।

यह कहते हुए कि भारत जैसे लोकतांत्रिक देश की उन्‍नति के लिए एक कुशल और निडर प्रेस होना जरूरी है,  श्री नायडू ने पत्रकारों से कहा कि वे वास्तविकता को चित्रित करें, समाचार सामग्रियों यथावत प्रस्‍तुत करें,  न तो बढ़ाचढ़ाकर प्रस्‍तुत करें,  न ही कम करें, न विकृत करें और न ही कोई रहस्योद्घाटन करें।

यह कहते हुए कि एक अखबार की गरिमा और प्रतिष्ठा सत्य और निडर रिपोर्टिंग के प्रति उनकी निष्ठा की डिग्री पर टिकी हुई है, उपराष्ट्रपति ने कहा कि एक व्यक्ति मीडिया से अपेक्षा करता है कि वह न केवल सही रिपोर्ट करे, बल्कि सामाजिक और आर्थिक अन्याय को भी उजागर करे, इस तरह उनके निवारण का मार्ग प्रशस्त होगा।

      श्री नायडू ने कहा कि यह आम तौर पर अखबारों और मीडिया का भी कर्तव्य है कि वे मोटे तौर पर सरकार की विकासात्मक पहलों और नीतियों का समर्थन करने के साथ-साथ उसकी कमियों के बारे में भी बताएं, ताकि हमारे देश में प्रशासनिक तंत्र की प्रभावशीलता में सुधार लाने में मदद मिले। उन्होंने मीडिया से ऐसे मामलों पर कानूनी प्रावधानों के बारे में जागरूकता पैदा करने और नागरिकों को उनके बु‍नियादी अधिकारों के बारे में जागरूक करके सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने को कहा।

चुनाव के समय मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका होने की ओर इशारा करते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि चुनाव जिस निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ संपन्न हुए हैं, उससे तय होता है कि मीडिया कितना निष्पक्ष और जिम्मेदारी से व्यवहार करेगा।

चुनावों के बारे में चर्चा करते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि एक स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सिर्फ वोट देने की स्वतंत्रता और क्यों और कैसे वोट देना चाहिए, इसका ज्ञान होना ही नहीं है। उन्होंने कहा कि यह भागीदारी की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसमें मतदाता जानकारी आधारित सार्वजनिक बहस में भाग लेते हैं और जानकारी प्राप्‍त करते हैं। 

उपराष्ट्रपति ने मीडिया को अपने कवरेज में उच्च स्तर की व्यावसायिकता, सटीकता और निष्पक्षता बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने मीडिया से आग्रह किया कि चुनावों के समय वे अपने कर्तव्य को बड़ी मुस्‍तैदी के साथ निभाएं। उन्होंने कहा कि मतदाता को मतदान के अपने महत्वपूर्ण अधिकार के सर्वोत्तम उपयोग करने के लिए जानकारी दें।

श्री नायडू ने गलत काम करने वालों को सामने लाने के लिए मीडिया को निडर होने को कहा। सकारात्मक सामग्रियों की रिपोर्ट करने में कभी संकोच न करें और हमेशा सकारात्मक बदलाव लाने वाले लोगों की सराहना करें और उन्‍हें प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतंत्र में सबसे महत्वपूर्ण घटना के संचालन में आपकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है और जहां भी आवश्यक हो, सकारात्‍मक और रचनात्मक आलोचना करने से कभी भी न चुकें।   

राष्ट्र दीपिका लिमिटेड के अध्यक्ष डॉ फ्रांसिस क्लेटस, दीपिका के मुख्य संपादक, फ्रांसिस बॉबी एलेक्‍स मन्‍नमपल्‍लकल, दीपिका के प्रबंध निदेशक फ्रांसिस मैथ्यू चंद्रनकुनेल, दीपिका के एसोसिएट एडिटर श्री जॉर्ज कल्लीवयालिल और अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।       

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