प्रधानमंत्री मोदी को मिला सियोल शांति पुरस्कार, 1.30 करोड़ रु. की सम्मान राशि गंगा सफाई के लिए देंगे

सियोल. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दक्षिण कोरिया के दौरे के दूसरे दिन सियोल शांति पुरस्कार से नवाजा गया। मोदी ने पुरस्कार में मिली 1.30 करोड़ की रकम को नमामि गंगे प्रोजेक्ट के लिए देने का ऐलान किया। भारत और दक्षिण कोरिया ने  6 समझौतों पर हस्ताक्षर किए। मोदी सियोल शांति पुरस्कार पाने वाले 14वें व्यक्ति हैं। यह पुरस्कार 1988 में सियोल ओलिंपिक के सफल आयोजन के बाद शुरू किया गया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अंतरराष्ट्रीय सहयोग में योगदान देने तथा वैश्विक आर्थिक वृद्धि को प्रोत्साहित करने के लिए दक्षिण कोरिया के सियोल में शुक्रवार को 2018 का प्रतिष्ठित ‘सियोल पीस प्राइज’ प्रदान किया गया। यहां आयोजित एक भव्य समारोह में मोदी को यह पुरस्कार सियोल पीस प्राइज फाउंडेशन ने प्रदान किया। इस अवसर पर मोदी के जीवन तथा उनकी उपलब्धियों पर एक लघु फिल्म भी दिखाई गई।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अंतरराष्ट्रीय सहयोग में योगदान देने तथा वैश्विक आर्थिक वृद्धि को प्रोत्साहित करने के लिए दक्षिण कोरिया के सियोल में शुक्रवार को 2018 का प्रतिष्ठित ‘सियोल पीस प्राइज’ प्रदान किया गया। यहां आयोजित एक भव्य समारोह में मोदी को यह पुरस्कार सियोल पीस प्राइज फाउंडेशन ने प्रदान किया। इस अवसर पर मोदी के जीवन तथा उनकी उपलब्धियों पर एक लघु फिल्म भी दिखाई गई।

यह सम्मान पाने वाले मोदी 14वें व्यक्ति हैं। इससे पहले संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव कोफी अन्नान, जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल जैसी जानी मानी हस्तियां तथा संगठन यह पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैं। इस पुरस्कार की स्थापना सियोल में आयोजित 24वें ओलंपिक खेलों की सफलता के जश्न में 1990 में की गई थी।

सियोल शांति पुरस्कार मिलने के बाद मोदी ने कहा, ‘यह पुरस्कार मुझे व्यक्तिगत रूप से नहीं बल्कि भारत के लोगों को मिला है, उस सफलता को मिला है जो भारत ने पिछले पांच सालों में अर्जित की है। जिसे कि 1.3 बिलियन लोगों के कौशल ने संचालित किया है। भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है।’

पीएम मोदी ने कहा है कि वह पुरस्कार में मिली एक करोड़ से ज्यादा की राशि को नमामि गंगे परियोजना को समर्पित कर देंगे। उन्होंने कहा कि हम गांधी जी की शिक्षा पर आगे बढ़ रहे हैं। 
भारत का आर्थिक विकास दुनिया के लिए बेहतर है। मुझे इस बात की खुशी है कि यह पुरस्कार मुझे उस साल मिल रहा है जिस साल हम महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मना रहे हैं।

पीएम मोदी ने कहा, ‘1988 में सियोल ओलंपिक्स से कुछ हफ्ते पहले एक संगठन अल-कायदा का गठन हुआ था। आज कट्टरता और आतंकवाद वैश्विक हो गए हैं और यह विश्व शांति और सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गए हैं। आतंकी नेटवर्क को पूरी तरह से खत्म करने के लिए हाथ मिलाने और एकजुट होने का समय आ गया है। केवल ऐसा करने से ही हम नफरत को सद्भाव से बदल सकते हैं।’

महात्मा गांधी की प्रतिमा का किया अनावरण

PM मोदी ने गुरुवार को सियोल के योनसेई विश्वविद्यालय में महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण किया. इस अवसर पर कोरिया गणराज्य के राष्ट्रपति मून जे-इन प्रथम महिला किम जूंग-सूक और संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव बान की-मून उपस्थित थे.

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि बापू की प्रतिमा का अनावरण करना सम्मान की बात है. उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जबकि हम बापू की 150वीं जयंती मना रहे हैं, इसका विशेष महत्व हो जाता है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि बापू के विचारों और सिद्धांतों में आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन जैसी मानव जाति के समक्ष आज मौजूद दो सबसे बड़ी चुनौतियों से निपटने की ताकत है.

मोदी ने कहा कि बापू के जीवन और विचारों ने हमें यह बताया कि कैसे हम प्रकृति के साथ सद्भाव से रहते हुए कार्बन फुटप्रिंट कम कर सकते हैं. गौरतलब है कि योनसेई विश्वविद्यालय दक्षिण कोरिया के सर्वाधिक प्रसिद्ध विश्वविद्यालयों में से एक है.

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