सरदार पटेल के कारण सफल हुई थी दांडी यात्रा : नरेंद्र मोदी

12 मार्च 1930 को साबरमती आश्रम से दांडी तक अंग्रेजी शासन के दमनकारी नमक कानूनों के विरोध में महात्मा गाँधी ने एक मार्च निकाला और समुद्र के तट से पानी लेकर नमक निकाला. इस यात्रा में तमाम नेताओं और स्थानीय लोगों ने भाग लेकर शांतिपूर्ण सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत की.

दांडी मार्च की 89वीं वर्षगांठ पर PM MODI ने अपनी वेबसाइट narendramodi.in पर एक लेख साझा किया. जिसमे उन्होंने लिखा की महात्मा गाँधी के दांडी मार्च की सफलता के श्रेय सरदार पटेल को जाता है. वह शख्स सरदार पटेल ही थे जिन्होंने इस यात्रा की रूपरेखा तैयार की थी.

लेख में PM MODI ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए लिखा है कि कांग्रेस पार्टी महात्मा गाँधी के आदर्शों से भटक गई है. कांग्रेस ने गाँधी के नाम का इस्तेमाल तो किया लेकिन उनके द्वारा देखे गए सपनों को पूरा करने के लिए कुछ नहीं किया. उन्होंने लिखा कि कांग्रेस की संस्कृति गाँधीवादी विचारधारा के विपरीत हो चुकी है. बापू वंशवादी राजनीति की निंदा करते थे, लेकिन ‘Dynasty First’ आज की कांग्रेस का मूलमंत्र बन चुका है। कांग्रेस ने हमेशा वंशवादी संस्कृति को बढ़ावा दिया। लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी कभी कोई आस्था नहीं रही है। गांधी जी कांग्रेस कल्चर को अच्छी तरह से समझ चुके थे। इसीलिए वे चाहते थे कि कांग्रेस को भंग कर दिया जाए, विशेषकर 1947 के बाद।

उन्होंने कहा था, ‘’बड़े ही दुख के साथ मुझे ये कहना पड़ रहा है कि कई कांग्रेसियों ने स्वराज को केवल एक राजनीतिक आवश्यकता के रूप में देखा है, ना कि अनिवार्यता के रूप में।’’ उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस नेता सिर्फ साम्प्रदायिक जोड़-घटाव में व्यस्त हैं। 1937 में ही वे कह चुके थे, ‘’अनियंत्रित भ्रष्टाचार को सहने की बजाय मैं चाहूंगा कि पूरी कांग्रेस को शालीनता के साथ समाधि दे दी जाए।’’

PM MODI ने अपनी सरकार की जमकर तारीफ की और कहा आज केंद्र में ऐसी सरकार है, जो बापू के पदचिह्नों पर चलते हुए जनसेवा में जुटी है। वहीं एक ऐसी जनशक्ति भी है जो भारत को कांग्रेस कल्चर से मुक्त करने के उनके सपनों को पूरा कर रही है!

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