नितिन गडकरी के अपनी ही सरकार पर बदले सुर- जहां सरकार हाथ लगाती है वहां होता है सत्यानाश, देखिये

केंद्रीय मंत्राी नितिन गडकरी(Nitin Gadkari) ने अपनी ही सरकार के कामकाज पर सवाल खड़ा कर दिया है. नागपुर(Nagpur) में एक कार्यक्रम में नितिन गडकरी(Nitin Gadkari) ने जो बात कही उससे सब हैरान रह गए. गडकरी(Nitin Gadkari) ने कहा कि मैं कभी किसी प्रोजेक्ट में सरकार से मदद नहीं लेता, क्योंकि जहां सरकार हाथ लगाती है वहां सत्यानाश होता है. इसी कार्यक्रम में बोलते हुए नितिन गडकरी(Nitin Gadkari) ने कहा कि विदर्भ इलाके में किसानों की आत्महत्याएं होती है, यह हमारे लिए शर्म की बात है.

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सड़क एवं परिवहन मंत्री है नितिन गडकरी!

बता दें कि नितिन गडकरी सड़क एवं परिवहन मंत्री है और मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में इनके विभाग का काम बेहद सराहा गया था. हालांकि अब आए उनके बयान से ऐसा लगता है कि उनके विभाग या उनको संभवतः सरकारी नियमों की वजह से कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

पिछले कुछ समय से नितिन गडकरी की तबीयत को लेकर भी यदा-कदा खबरें आती रहती हैं. अभी हाल ही में 1 अगस्त को महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को चक्कर महसूस होने पर राष्ट्रगान के बीच में ही बैठना पड़ा था. उस समय डॉक्टरों ने “चक्कर” की वजह मंत्री द्वारा गले के संक्रमण के लिये ली गई एंटीबायोटिक को बताया था. ये कार्यक्रम पुन्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर सोलापुर विश्वविद्यालय में आयोजित किया गया था और कार्यक्रम में नितिन गडकरी विशिष्ट अतिथि थे.

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संभवत: शर्करा स्तर की कमी के कारण बेहोश हुए थे गडकरी!

हालांकि यह पहली बार नहीं था जब भाजपा नेता सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मंच पर बेहोश हुए हो. बीते कुछ महीनों में ऐसे कुछ मामले सामने आए जब सार्वजनिक कार्यक्रम में गडकरी संभवत: शर्करा स्तर की कमी के कारण बेहोश हो गए.

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