नीति आयोग ने बेचने के लिए तैयार की 50 सरकारी सम्पत्तियों की सूची, जानें क्या है पूरा मामला

नीति आयोग (NITI Aayog) ने बेचने के लिए एनटीपीसी, सीमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, भारत अर्थ मूवर्स और सेल सहित सरकारी कंपनियों की जमीन और इंडस्ट्रियल प्लांट्स जैसी 50 संपत्तियों की पहचान की है। एक अधिकारी ने बताया कि नीति आयोग ने डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट ऐंड पब्लिक ऐसेट मैनेजमेंट (दीपम) को एक लिस्ट भेजी है। उन्होंने कहा, ‘हम इन संपत्तियों को बेचने की तैयारी कर रहे हैं।’


Also Read :बंगाल में प्रशांत किशोर के सहारे BJP से टक्कर लेंगी ममता दीदी

अधिकारी ने बताया कि लिस्ट से सरकारी कंपनियों के संबंधित मंत्रालयों को इनकी बिक्री की प्रक्रिया शुरू करने में मदद मिलेगी। लिस्ट को नीति आयोग (NITI Aayog) के सीईओ अमिताभ कांत ने संबंधित मंत्रालयों के सचिवों के साथ चर्चा के बाद तैयार किया है।

इस मामले में एक अन्य अधिकारी ने कहा, ‘समय आने पर जब भी जरूरत होगी, हम इस तरह की नई लिस्ट लाएंगे।’ अधिकारी ने बताया कि एनटीपीसी का बदरपुर प्लांट बंद है और इसके पास 400 एकड़ जमीन है। इस लिस्ट में सेल जैसी दूसरी सरकारी कंपनियों के ब्राउनफील्ड प्रॉजेक्ट्स भी शामिल हैं।

सरकार ने वित्त वर्ष 2020 के पहले दो महीने में विनिवेश से 2,350 करोड़ रुपये जुटाए हैं, जबकि इस साल उसने इससे 90 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। वित्त वर्ष 2019 में केंद्र ने विनिवेश से 84,972.16 करोड़ रुपये जुटाए थे, जबकि उसने इसके लिए 80 हजार करोड़ का लक्ष्य रखा था।


Also Read : अखिलेश यादव जल्द लांच कर सकते हैं स्वच्छ सपा अभियान, शिवपाल की हो सकती है वापसी

इससे पहले दीपम ने स्कूटर्स इंडिया, भारत पंप्स ऐंड कंप्रेसर्स, प्रॉजेक्ट ऐंड डिवेलपमेंट इंडिया लिमिटेड (पीडीआईएल), हिंदुस्तान प्रीफैब, हिंदुस्तान न्यूजप्रिंट, ब्रिज ऐंड रूफ कंपनी और हिंदुस्तान फ्लोरोकार्बंस से अलग की गई कुछ संपत्तियों की पहचान बिक्री के लिए की थी। अब इन कंपनियों को ही बेचने की तैयारी की जा रही है।

फरवरी में कैबिनेट ने सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइजेज यानी सरकारी कंपनियों के नॉन-कोर ऐसेट्स की बिक्री को मंजूरी दी थी। इसके लिए वित्त मंत्री, सड़क और परिवहन मंत्री और संबंधित मंत्रालयों का एक ऑल्टरनेट मैकनिजम बनाया गया था।

Also Read : पश्चिम बंगाल में फिर चढ़ा सियासी पारा, TMC-BJP कार्यकर्ताओं के बीच झड़प, 4 की मौत

इस महीने इकनॉमिक टाइम्स ने खबर दी थी कि इस रूट को जल्द ही सरकार ऐक्टिव करेगी। एक बार ऑल्टरनेटिव मैकनिजम से संपत्ति बेचने की इजाजत मिलने के बाद समूची प्रक्रिया को एक साल में पूरा कर लिया जाएगा। सीपीएसई सरकार के साथ जिस सालाना मेमोरैंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) पर दस्तखत करेंगे, यह उसमें शामिल होगा। सरकार ने एयर इंडिया सहित करीब 24 कंपनियों को बेचने की मंजूरी दी है।

Ace News से जुड़ें और लगातार अपडेटेड रहने के लिए हमें Facebook पर ज्वॉइन करें, Twitter पर फॉलो करे

Facebook Comments