रकुलप्रीत पहुंची उच्च न्यायालय- मीडिया ट्रायल रोकने की मांग

अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के मौत के मामले में ड्रग का कनेक्शन सामने आने के बाद। जांच कर रही एनसीबी को सुशांत की गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती ने ड्रग मामले से जुड़े तीन नाम बताएं है। जिनमें से एक नाम अभिनेत्री रकुलप्रीत सिंह का भी है। जिस के बाद से मिडिया में रकुलप्रीत के बारे काफी खबरें आने लगी। इसलिए रकुलप्रीत सिंह ने दिल्ली हाईकोर्ट में मिडिया में चल रही खबरों के ऊपर रोक लगाने की मांग की है।   


रकुलप्रीत ने याचिका में लिखा है कि मिडिया में उनके खिलाफ ट्रायल चल रहा है। रकुलप्रीत ने कोर्ट से सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय  से इस पर रोक लगाने की मांग की है। रकुलप्रीत ने इसके लिए प्रोग्राम कोड और सूचना प्रसारण मंत्रायल के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए कहा है कि मीडिया घृणा अभियान नहीं चला सकता है। इस मामले की सुनवाई जस्टिस नवीन चावला की बेंच कर रही है।

अभिनेत्री के वकील ने कहना है कि रकुलप्रीत को एक शूटिंग के दौरान पता चला कि रिया चक्रवर्ती ने ड्रग्स ड्रग्स मामले में  उसका और सारा अली खान का नाम लिया है। रिया के रकुलप्रीत का नाम लेने के बाद से ही मीडिया ट्रायल शुरू हो गया। उनका यह भी कहना है कि मीडिया वाले रकुलप्रीत के घर पहुंच गए हैं और उसे परेशान कर रहे है। वकील ने कहा है कि हम चाहते हैं कि अदालत इस मामले में दखल दे। याचिका में कहा गया है कि एक मीडिया ट्रायल आर्टिकल 21 के तहत मेरे अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है। रकुलप्रीत के वकील ने अदालत से मांग की है कि इस बगावत निर्देश जारी कर मीडिया को किसी भी अदालत ने विचार धारी मामले के विवरण को चलाने की अनुमति ना हो।


अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा है कि- हम क्या कर सकते हैं? इस चीज के लिए आपने सूचना प्रसारण मंत्रालय से शिकायत दर्ज की है क्या? कोर्ट ने कहा हो सकता है कि मीडिया उत्तेजित हो रहा हो, लेकिन हम क्या कर सकते हैं?” इस पर रकुलप्रीत के वकील ने कोर्ट से मांग की कि, “रकुल प्रीत के खिलाफ निंदनीय और अपमानजनक सामग्री का प्रसारण रोकने के लिए आदेश जारी करें।” इस पर जस्टिस चावला ने कहा कि, “सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मीडिया अभियान के मुद्दे को अन्य मामलों में शामिल किया है, वे स्वयं को विनियमित नहीं कर रहे हैं, हम क्या करें?”

इसके बाद जजों की बेंच ने केंद्र सरकार, एनबीए और प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया को नोटिस जारी कर मामले में पक्ष रखने को कहा है। हालांकि, अदालत ने कहा कि आशा करते है कि मीडिया हाउस और टीवी चैनल रकुलप्रीत के संबंध में कोई भी रिपोर्ट बनाते समय प्रोग्राम कोड और अन्य दिशा-निर्देशों का पालन करेंगे।

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